RTE Admission Rajasthan 2026: 33,000 से अधिक Private Schools में फ्री एडमिशन, लॉटरी रिजल्ट जारी

RTE Admission Rajasthan 2026: राजस्थान में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया इस वर्ष सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। गुरुवार को जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में विद्यार्थियों के चयन के लिए लॉटरी निकाली गई। इस लॉटरी के माध्यम से राज्यभर के हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अब चयनित अभिभावक अपने बच्चों के लिए आवंटित विद्यालय की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं।

जयपुर में निकली लॉटरी, अभिभावकों को मिली सूचना

RTE Admission Rajasthan 2026 के लिए लॉटरी की घोषणा पहले सुबह 11:30 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया गया। हालांकि, वास्तविक ड्रॉ दोपहर लगभग 1 बजे ही संपन्न हो गया। इसके तुरंत बाद अभिभावकों को सूचना मिलनी शुरू हो गई। इस वर्ष राज्यभर से लगभग 6.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रुचि दर्शाते हैं।

ई-मित्र पोर्टल पर देखें लॉटरी नंबर

अभिभावक अब केवल ई-मित्र पोर्टल के माध्यम से ही अपने बच्चे का लॉटरी नंबर और प्राथमिकता क्रम देख सकते हैं। किसी भी प्रकार की ऑफलाइन सूची जारी नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि RTE Admission Rajasthan 2026 की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

चार कक्षाओं में इस बार प्रवेश

इस वर्ष RTE Admission Rajasthan 2026 के तहत पीपी-3 प्लस, पीपी-4 प्लस, पीपी-5 प्लस तथा कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अभिभावकों को आवेदन के दौरान अधिकतम पाँच विद्यालय चुनने का विकल्प दिया गया था। प्रवेश नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और प्रथम कक्षा में दिया जाएगा।

नर्सरी कक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अन्य कक्षाओं में उपलब्ध रिक्त सीटों के आधार पर दाखिला होगा। यह प्रावधान शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।

33 हजार से अधिक निजी विद्यालयों में अवसर

यू-डाइस (U-DISE) के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में लगभग 33,548 निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। पूरे राज्य में कुल विद्यालयों की संख्या एक लाख से अधिक है। इतने बड़े स्तर पर निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश की यह योजना हजारों परिवारों के लिए राहत का कारण बन रही है।

20 फरवरी से शुरू हुई थी आवेदन प्रक्रिया

शिक्षा विभाग ने 20 फरवरी से RTE Admission Rajasthan 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की थी, जिसकी अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई थी। निर्धारित समयावधि में लाखों अभिभावकों ने आवेदन किया। अब लॉटरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।

निजी विद्यालयों की नाराजगी

जहां एक ओर अभिभावकों में खुशी का माहौल है, वहीं निजी विद्यालय संचालकों ने सरकार पर शुल्क भुगतान न करने का आरोप लगाया है। बीकानेर प्राइवेट स्कूल क्लब के अध्यक्ष मनोज व्यास ने कहा कि नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के छात्रों की फीस का भुगतान सरकार समय पर नहीं कर रही है। उनका कहना है कि चूंकि यह योजना सरकार की है, इसलिए भुगतान की जिम्मेदारी भी सरकार की ही होनी चाहिए।

फर्जी दस्तावेजों पर होगी कार्रवाई

इस वर्ष शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के मामलों को गंभीरता से लिया है। यदि कोई अभ्यर्थी गलत आय प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो विद्यालय प्रबंधन उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकता है। इसी कारण इस बार जिन अभिभावकों के पास पैन कार्ड है, उनसे आवेदन के दौरान पैन नंबर भी मांगा गया था।

बीकानेर जिले में भी हजारों आवेदन

बीकानेर जिले में भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। यहां के अभिभावकों ने आरक्षित सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लॉटरी के बाद चयनित बच्चों को आवंटित निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

ऐसे पूरी होगी प्रवेश प्रक्रिया

लॉटरी के बाद अभिभावकों को उनके द्वारा चुने गए पाँच विद्यालयों में प्राथमिकता क्रम की जानकारी दी जाती है। अब उन्हें उस विद्यालय का चयन करना होगा जहां प्रवेश की संभावना अधिक हो। इसके बाद संबंधित विद्यालय में मूल दस्तावेज जमा करने होंगे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

यदि बच्चा उसी नगरपालिका वार्ड का निवासी है, जहां विद्यालय स्थित है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलेगा। यदि वार्ड अलग है और किसी प्रकार की आपत्ति आती है, तो संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर समाधान कराया जा सकता है।

1 अप्रैल से शुरू होंगी कक्षाएं

सभी चयनित विद्यार्थियों की कक्षाएं 1 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएंगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र में शामिल किया जाए।

इस प्रकार राजस्थान में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी की गई है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष जानकारी और ताजा अपडेटस के लिए इस बेबसाइट को हमेशा विजिट करते रहें ।

Leave a Comment