जैसा की हमलोग जानते है कि Coordination Compounds class 12th के अलावे विभिन्न परीक्षाओं के लिए काफी important चैप्टर है इसलिए इस पाठ की जानकारी जरूरी है । इस लेख के माध्यम से 20 subjective और 25 सब्जेक्टिव प्रश्नों को उत्तर के साथ लिखा है । अगर आप भी किसी 12 वीं बोर्ड व नीट, जेई जैसे exam की तैयारी कर रहें हैं तो इसे अंत तक जरूर पढ़े ।
20 महत्वपूर्ण वर्णनात्मक (Subjective)
1. समन्वय यौगिक (Coordination Compound) क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
वे यौगिक जिनमें एक केंद्रीय धातु आयन/परमाणु के साथ लिगैण्ड दाता परमाणु के माध्यम से उपसहसंयोजक बंध (Coordinate bond) द्वारा जुड़े होते हैं, समन्वय यौगिक कहलाते हैं।
उदाहरण: ([Cu(NH₃)₄]2+, ([Co(NH₃)₆]Cl₃)
2. लिगैण्ड (Ligand) क्या है? इसके प्रकार बताइए।
उत्तर:
लिगैण्ड वह आयन या अणु है जो केंद्रीय धातु को इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान करता है।
प्रकार:
- एकदंती (Monodentate) – NH₃, Cl⁻
- द्विदंती (Bidentate) – एथिलीन डायमीन (en)
- बहुदंती (Polydentate) – EDTA⁴⁻
- उभयदंती (Ambidentate) – NO₂⁻
3. समन्वय संख्या (Coordination Number) क्या है?
उत्तर:
केंद्रीय धातु से सीधे जुड़े दाता परमाणुओं की संख्या को समन्वय संख्या कहते हैं।
उदाहरण: ([Fe(CN)₆]4- में समन्वय संख्या 6 है।
4. IUPAC नामकरण के नियम लिखिए।
उत्तर:
- पहले लिगैण्ड का नाम, फिर धातु का नाम।
- ऋणायनिक लिगैण्ड में ‘-o’ प्रत्यय।
- धातु की ऑक्सीकरण अवस्था रोमन अंक में।
उदाहरण: ([Co(NH₃)₆]Cl₃) – Hexaamminecobalt(III) chloride
5. निम्न का IUPAC नाम लिखिए: ([Cr(NH₃)₃Cl₃])
उत्तर:
Triammine trichloridochromium(III)
6. वर्नर का सिद्धांत (Werner’s Theory) समझाइए।
उत्तर:
Alfred Werner ने 1893 में समन्वय यौगिकों की संरचना समझाने हेतु सिद्धांत दिया।
मुख्य बिंदु:
- धातु की प्राथमिक एवं द्वितीयक संयोजकता होती है।
- प्राथमिक संयोजकता आयनित होती है, द्वितीयक नहीं।
7. समन्वय समावयवता (Isomerism) क्या है?
उत्तर:
एक ही आणविक सूत्र वाले परंतु भिन्न संरचना वाले यौगिक समावयवी कहलाते हैं।
प्रकार:
- संरचनात्मक समावयवता
- स्थानिक समावयवता
8. आयनीकरण समावयवता उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
जब आयन स्थान बदलते हैं तो आयनीकरण समावयवता होती है।
उदाहरण: ([Co(NH₃)₅Br]SO₄) और ([Co(NH₃)₅SO₄]Br)
9. ज्यामितीय समावयवता (Geometrical Isomerism) क्या है?
उत्तर:
लिगैण्ड की स्थिति भिन्न होने से cis और trans रूप बनते हैं।
उदाहरण: ([Pt(NH₃)₂Cl₂])
10. प्रकाशीय समावयवता (Optical Isomerism) समझाइए।
उत्तर:
जब यौगिक समतल ध्रुवित प्रकाश को विपरीत दिशा में घुमाते हैं।
उदाहरण: ([Cr(en)₃]3+
11. VBT (Valence Bond Theory) क्या है?
उत्तर:
इस सिद्धांत के अनुसार धातु आयन संकरण (Hybridization) करके लिगैण्ड से बंध बनाता है।
उदाहरण: ([Ni(CN)₄]2- – dsp² संकरण
12. CFT (Crystal Field Theory) क्या है?
उत्तर:
यह सिद्धांत बताता है कि लिगैण्ड के कारण d-ऑर्बिटल का ऊर्जा स्तर विभाजित हो जाता है।
ऑक्टाहेड्रल क्षेत्र में t₂g और eg में विभाजन होता है।
13. स्पेक्ट्रोकेमिकल श्रेणी (Spectrochemical Series) लिखिए।
उत्तर:
I⁻ < Br⁻ < Cl⁻ < F⁻ < H₂O < NH₃ < en < CN⁻ < CO
यह श्रेणी लिगैण्ड की क्षेत्र शक्ति दर्शाती है।
14. उच्च स्पिन एवं निम्न स्पिन यौगिक क्या हैं?
उत्तर:
कम क्षेत्र शक्ति वाले लिगैण्ड → उच्च स्पिन
अधिक क्षेत्र शक्ति वाले लिगैण्ड → निम्न स्पिन
15. चुम्बकीय गुण (Magnetic Properties) कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या से।
सूत्र: μ = √n(n+2) BM
16. EDTA क्या है? इसका उपयोग बताइए।
उत्तर:
EDTA एक बहुदंती लिगैण्ड है।
उपयोग: जल की कठोरता मापन में।
17. Chelate प्रभाव (Chelate Effect) क्या है?
उत्तर:
बहुदंती लिगैण्ड से बने यौगिक अधिक स्थिर होते हैं। इसे चिलेट प्रभाव कहते हैं।
18. समन्वय यौगिकों के उपयोग लिखिए।
उत्तर:
- औषधि – Cisplatin
- विश्लेषणात्मक रसायन
- धातु निष्कर्षण
19. Cisplatin का सूत्र एवं उपयोग लिखिए।
उत्तर:
सूत्र: ([Pt(NH₃)₂Cl₂])
उपयोग: कैंसर उपचार में।
20. हेमोग्लोबिन एक समन्वय यौगिक कैसे है?
उत्तर:
Hemoglobin में Fe²⁺ आयन पोर्फिरिन रिंग से समन्वित होता है। यह ऑक्सीजन के परिवहन में सहायक है।
Coordination Compounds – 25 MCQs
1. समन्वय यौगिक में केंद्रीय धातु से जुड़े दाता परमाणुओं की संख्या क्या कहलाती है?
A. संयोजकता
B. समन्वय संख्या
C. ऑक्सीकरण संख्या
D. आवेश
उत्तर: B
2. निम्न में से कौन एकदंती लिगैण्ड है?
A. en
B. EDTA
C. NH₃
D. Oxalate
उत्तर: C
3. में Fe की ऑक्सीकरण अवस्था है:
A. +2
B. +3
C. +4
D. 0
उत्तर: A
4. का IUPAC नाम है:
A. Hexaammine cobalt chloride
B. Hexaamminecobalt(III) chloride
C. Cobalt hexaammine chloride
D. Hexacobalt ammine chloride
उत्तर: B
5. उभयदंती लिगैण्ड का उदाहरण है:
A. H₂O
B. NO₂⁻
C. NH₃
D. Cl⁻
उत्तर: B
6. का संकरण है:
A. sp³
B. dsp²
C. sp²
D. d²sp³
उत्तर: B
7. वर्नर का सिद्धांत किसने दिया?
A. Alfred Werner
B. Linus Pauling
C. Niels Bohr
D. Rutherford
उत्तर: A
8. ज्यामितीय समावयवता पाई जाती है:
A.
B.
C.
D.
उत्तर: A
9. निम्न में से कौन प्रबल क्षेत्र लिगैण्ड है?
A. I⁻
B. Br⁻
C. CN⁻
D. F⁻
उत्तर: C
10. स्पेक्ट्रोकेमिकल श्रेणी में सबसे कमजोर लिगैण्ड है:
A. CO
B. CN⁻
C. I⁻
D. NH₃
उत्तर: C
11. में प्रकाशीय समावयवता होती है क्योंकि:
A. सममिति है
B. असममिति है
C. आयनित होता है
D. रंगहीन है
उत्तर: B
12. ऑक्टाहेड्रल क्षेत्र में d-ऑर्बिटल का विभाजन होता है:
A. t₂g और e_g
B. s और p
C. p और d
D. e और t
उत्तर: A
13. EDTA एक है:
A. एकदंती
B. द्विदंती
C. बहुदंती
D. उभयदंती
उत्तर: C
14. और में समावयवता है:
A. ज्यामितीय
B. प्रकाशीय
C. आयनीकरण
D. लिंकेंज
उत्तर: C
15. चिलेट प्रभाव संबंधित है:
A. रंग से
B. स्थिरता से
C. घुलनशीलता से
D. ताप से
उत्तर: B
16. का संकरण है:
A. sp³
B. d²sp³
C. dsp²
D. sp²
उत्तर: B
17. निम्न में से कौन द्विदंती लिगैण्ड है?
A. NH₃
B. en
C. Cl⁻
D. H₂O
उत्तर: B
18. समन्वय यौगिकों में रंग का कारण है:
A. s-d संक्रमण
B. p-d संक्रमण
C. d-d संक्रमण
D. n-π संक्रमण
उत्तर: C
19. की समन्वय संख्या है:
A. 2
B. 4
C. 6
D. 8
उत्तर: B
20. निम्न में से कौन निम्न स्पिन यौगिक बनाएगा?
A. H₂O
B. NH₃
C. F⁻
D. I⁻
उत्तर: B
21. VBT का संबंध है:
A. ऑर्बिटल संकरण से
B. रंग से
C. ताप से
D. आयनन से
उत्तर: A
22. में ज्यामितीय समावयव कितने हैं?
A. 1
B. 2
C. 3
D. 4
उत्तर: B
23. उच्च स्पिन यौगिक बनता है जब:
A. क्षेत्र शक्ति अधिक हो
B. क्षेत्र शक्ति कम हो
C. धातु शून्य हो
D. आवेश शून्य हो
उत्तर: B
24. का संकरण है:
A. sp³
B. dsp²
C. d²sp³
D. sp²
उत्तर: A
25. लिगैण्ड द्वारा दिया गया बंध कहलाता है:
A. आयनिक
B. सहसंयोजक
C. उपसहसंयोजक
D. धात्विक
उत्तर: C
For More Questions Visit: सीबीएसई कक्षा 12 रसायन विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
Coordination Compounds Class 12: 20 Important Subjective Questions with Answers
1. Coordination Compound क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
Coordination Compound ऐसे यौगिक होते हैं जिनमें एक Central Metal Atom या Central Metal Ion के चारों ओर एक या अधिक Ligands जुड़े रहते हैं। ये Ligands, Central Metal Ion को अपने Lone Pair of Electrons देकर Coordinate Covalent Bond बनाते हैं।
इस प्रकार बनने वाले पूरे समूह को Coordination Sphere कहते हैं।
उदाहरण
यहाँ
- Co³⁺ = Central Metal Ion
- NH₃ = Ligand
- = Coordination Sphere
मुख्य विशेषताएँ
- इनमें Coordinate Bond पाया जाता है।
- Central Metal Ion के चारों ओर Ligands जुड़े रहते हैं।
- इनका निश्चित Geometry होता है।
- ये रंगीन (Coloured) तथा कई बार Paramagnetic होते हैं।
- इनका उपयोग Medicine, Analytical Chemistry तथा Metallurgy में किया जाता है।
बोर्ड परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
✔ Central Metal Ion + Ligands = Coordination Compound
2. Ligand क्या होता है? इसके प्रकार उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर
Ligand वह Ion या Molecule है जो अपने Lone Pair of Electrons को Central Metal Ion को देकर Coordinate Bond बनाता है। Ligands को Lewis Base भी कहा जाता है।
Ligands के प्रकार
(1) Monodentate Ligand
जो केवल एक स्थान से Bond बनाते हैं। उदाहरण– NH₃, H₂O, Cl⁻, CN⁻
(2) Bidentate Ligand
जो दो स्थानों से Bond बनाते हैं। उदाहरण– Ethylenediamine (en), Oxalate Ion (C₂O₄²⁻)
(3) Polydentate Ligand
जो दो से अधिक स्थानों से Bond बनाते हैं। उदाहरण– EDTA⁴⁻ (Hexadentate Ligand)
(4) Ambidentate Ligand
जो दो अलग-अलग परमाणुओं द्वारा Bond बना सकते हैं। उदाहरण– NO₂⁻, SCN⁻
Ligands के कार्य:
- Central Metal Ion को स्थिर बनाते हैं।
- Compound की Geometry निर्धारित करते हैं।
- Colour तथा Magnetic Properties को प्रभावित करते हैं।
परीक्षा में याद रखें: Monodentate → एक Bond, Bidentate → दो Bond & Polydentate → अनेक Bond
3. Coordination Number किसे कहते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: Coordination Number (C.N.) वह संख्या है जो बताती है कि Central Metal Ion से सीधे कितने Donor Atoms जुड़े हुए हैं।
दूसरे शब्दों में,
Central Metal से सीधे जुड़े Ligands के Donor Atoms की संख्या ही Coordination Number कहलाती है।
उदाहरण
(i) यहाँ NH₃ = 6 Ligands and Coordination Number = 6
(ii) यहाँ NH₃ = 2 and Cl⁻ = 2 कुल Donor Atoms = 4 Coordination Number = 4
(iii) यहाँ CN⁻ = 6 and Coordination Number = 6
सामान्य Coordination Numbers
| Coordination Number | Geometry |
|---|---|
| 2 | Linear |
| 4 | Tetrahedral / Square Planar |
| 6 | Octahedral |
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य: Coordination Number केवल Directly Bonded Donor Atoms की संख्या होती है।
4. Double Salt तथा Coordination Compound में अंतर लिखिए।
उत्तर
| आधार | Double Salt | Coordination Compound |
|---|---|---|
| परिभाषा | दो साधारण लवणों के क्रिस्टलीकरण से बनते हैं। | Central Metal तथा Ligands से बनते हैं। |
| विलयन में व्यवहार | पानी में घुलकर पूर्णतः आयनों में टूट जाते हैं। | Coordination Sphere नहीं टूटता। |
| पहचान | सभी आयनों की पहचान हो जाती है। | केवल बाहरी आयनों की पहचान होती है। |
| Bond | साधारण Ionic Bond | Coordinate Covalent Bond |
| स्थिरता | कम | अधिक |
| उदाहरण | Mohr’s Salt |
उदाहरण: Double Salt (FeSO₄·(NH₄)₂SO₄·6H₂O) पानी में घुलने पर Fe²⁺, NH₄⁺ and SO₄²⁻ अलग-अलग मिल जाते हैं। जबकि Coordination Compound [Co(NH3)6]Cl3 पानी में [Co(NH3)6]3+ और 3Cl⁻ प्राप्त होते हैं। NH₃ अलग नहीं होता।
5. Werner’s Theory के मुख्य Postulates लिखिए।
उत्तर
Alfred Werner ने 1893 में Coordination Compounds की संरचना समझाने के लिए Werner’s Coordination Theory प्रस्तुत की।
Werner’s Theory के मुख्य Postulates
1. Metal दो प्रकार की Valency प्रदर्शित करता है।
- Primary Valency
- Secondary Valency
2. Primary Valency
- Ionisable होती है।
- Metal की Oxidation State के बराबर होती है।
- इसे ऋणायन (Anions) संतुष्ट करते हैं।
3. Secondary Valency
- Non-ionisable होती है।
- Ligands द्वारा संतुष्ट होती है।
- यही Coordination Number के बराबर होती है।
4. Secondary Valency की दिशा निश्चित होती है।
इसी कारण Coordination Compounds की निश्चित Geometry होती है।
जैसे
- Coordination Number = 4 → Square Planar / Tetrahedral
- Coordination Number = 6 → Octahedral
5. Ligands केवल Secondary Valency को संतुष्ट करते हैं।
वे सीधे Central Metal Ion से जुड़े रहते हैं।
उदाहरण
[Co(NH3)6]Cl3
यहाँ
Primary Valency = 3 (Cl⁻)
Secondary Valency = 6 (NH₃)
Coordination Number = 6
Geometry = Octahedral
