Evolution Class 12 Biology Important Questions: यहाँ Class 12 Biology के अध्याय Evolution (विकास) के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं, जो Bihar Board परीक्षा 2027 की तैयारी के लिए उपयोगी हैं। इसमें 1 अंक, 2 अंक, 3 अंक और 5 अंक के प्रश्न, परिभाषाएँ, वैज्ञानिकों के सिद्धांत, विकास के प्रमाण तथा MCQs शामिल हैं। उत्तर NCERT आधारित, सरल हिंदी और आवश्यक English terminology के साथ तैयार किए गए हैं।
Evolution Class 12 Biology Important Questions : अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
प्रश्न 1. जैव विकास (Evolution) क्या है?
उत्तर: पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवों की आनुवंशिक विशेषताओं में परिवर्तन होने से आबादी में होने वाले बदलाव को जैव विकास कहते हैं।
प्रश्न 2. प्राकृतिक चयन का सिद्धांत किसने दिया?
उत्तर: चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin) ने प्राकृतिक चयन का सिद्धांत दिया।
प्रश्न 3. रासायनिक विकास का सिद्धांत किसने दिया?
उत्तर: ए. आई. ओपेरिन (A. I. Oparin) और जे. बी. एस. हाल्डेन (J. B. S. Haldane) ने रासायनिक विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की।
प्रश्न 4. मिलर-यूरे प्रयोग का मुख्य निष्कर्ष क्या था?
उत्तर: इस प्रयोग ने प्रदर्शित किया कि प्रारंभिक पृथ्वी जैसी परिस्थितियों में अकार्बनिक पदार्थों से अमीनो अम्ल जैसे कार्बनिक अणु बन सकते हैं।
प्रश्न 5. जीवाश्म (Fossils) क्या हैं?
उत्तर: प्राचीन जीवों के संरक्षित अवशेष, छाप या अन्य प्रमाण जीवाश्म कहलाते हैं।
प्रश्न 6. समजात अंग (Homologous organs) क्या हैं?
उत्तर: वे अंग जिनकी मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति समान होती है, लेकिन कार्य अलग-अलग हो सकते हैं। उदाहरण: मनुष्य का हाथ और व्हेल का अग्रपाद।
प्रश्न 7. समवृत्ति अंग (Analogous organs) क्या हैं?
उत्तर: वे अंग जिनके कार्य समान होते हैं, लेकिन उनकी मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति अलग होती है। उदाहरण: पक्षी और तितली के पंख।
प्रश्न 8. अनुकूली विकिरण (Adaptive radiation) क्या है?
उत्तर: एक सामान्य पूर्वज से अनेक प्रजातियों का अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल विकसित होना अनुकूली विकिरण कहलाता है। उदाहरण: गैलापागोस द्वीपों के डार्विन फिंच।
प्रश्न 9. हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत क्या बताता है?
उत्तर: कुछ निश्चित परिस्थितियों में किसी आबादी में एलील और जीनोटाइप की आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं।
प्रश्न 10. औद्योगिक मेलानिज्म (Industrial melanism) का प्रसिद्ध उदाहरण क्या है?
उत्तर: पेप्पर्ड मॉथ (Biston betularia) औद्योगिक मेलानिज्म का प्रसिद्ध उदाहरण है।
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लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्रश्न 11. लैमार्कवाद और डार्विनवाद में अंतर लिखिए।
उत्तर:
| लैमार्कवाद | डार्विनवाद |
|---|---|
| जीन बैप्टिस्ट लैमार्क ने प्रस्तुत किया। | चार्ल्स डार्विन ने प्राकृतिक चयन का सिद्धांत दिया। |
| अर्जित लक्षणों की वंशागति पर जोर दिया गया। | वंशानुगत विविधताओं पर प्राकृतिक चयन की भूमिका पर जोर दिया गया। |
| अंगों के उपयोग और अनुपयोग को महत्त्व दिया गया। | अनुकूल विविधताओं वाले जीवों की प्रजनन सफलता अधिक हो सकती है। |
प्रश्न 12. जैव विकास के कोई दो प्रमाण लिखिए।
उत्तर:
- जीवाश्म प्रमाण: जीवाश्म प्राचीन जीवों और समय के साथ हुए परिवर्तनों की जानकारी देते हैं।
- तुलनात्मक शरीर रचना: समजात अंगों की समान मूल संरचना सामान्य पूर्वज की ओर संकेत करती है।
अन्य प्रमाणों में भ्रूणीय तथा आणविक समानताएँ भी शामिल हैं।
प्रश्न 13. डार्विन के प्राकृतिक चयन सिद्धांत को समझाइए।
उत्तर: किसी आबादी के जीवों में प्राकृतिक रूप से विविधताएँ पाई जाती हैं। सीमित संसाधनों के कारण उनके बीच अस्तित्व के लिए संघर्ष होता है। जिन जीवों में पर्यावरण के अनुकूल वंशानुगत लक्षण होते हैं, उनके जीवित रहने और अधिक संतान उत्पन्न करने की संभावना बढ़ सकती है। कई पीढ़ियों में ऐसे लक्षण आबादी में अधिक सामान्य हो सकते हैं।
प्रश्न 14. उत्परिवर्तन (Mutation) का विकास में क्या महत्त्व है?
उत्तर: उत्परिवर्तन DNA में होने वाला परिवर्तन है। यह नए आनुवंशिक रूपांतर उत्पन्न कर सकता है। प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन और अन्य विकासात्मक प्रक्रियाओं के प्रभाव से ये विविधताएँ आबादी में बदलती आवृत्ति के साथ पाई जा सकती हैं।
प्रश्न 15. आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) क्या है?
उत्तर: किसी आबादी में संयोगवश एलील की आवृत्तियों में होने वाला परिवर्तन आनुवंशिक विचलन कहलाता है। इसका प्रभाव छोटी आबादियों में अधिक हो सकता है। इससे कुछ एलील पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं या आबादी में स्थिर हो सकते हैं।
प्रश्न 16. अनुकूली विकिरण का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: गैलापागोस द्वीपों के डार्विन फिंच इसका प्रसिद्ध उदाहरण हैं। इनके विभिन्न समूहों में भोजन और पर्यावरण के अनुसार चोंच के आकार में अंतर विकसित हुआ। यह सामान्य पूर्वज से विभिन्न पारिस्थितिक स्थानों के अनुकूल प्रजातियों के विकास को दर्शाता है।
प्रश्न 17. जीवाश्मों का अध्ययन क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर: जीवाश्म प्राचीन जीवों की संरचना, उनके अस्तित्व के समय और विभिन्न भूवैज्ञानिक कालों में जीव-जगत में हुए परिवर्तनों के प्रमाण देते हैं। विभिन्न आयु की चट्टानों में पाए गए जीवाश्मों की तुलना से विकास के इतिहास को समझने में सहायता मिलती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्रश्न 18. मिलर-यूरे प्रयोग का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1953 में स्टैनली मिलर और हेरोल्ड यूरे ने प्रारंभिक पृथ्वी जैसी परिस्थितियों का प्रयोगशाला में अनुकरण किया।
प्रयोग की मुख्य विशेषताएँ:
- उपकरण में मीथेन, अमोनिया, हाइड्रोजन और जलवाष्प का मिश्रण रखा गया।
- गैसों के मिश्रण में विद्युत चिंगारी प्रवाहित की गई, जो प्राचीन वातावरण में बिजली चमकने का अनुकरण थी।
- कुछ समय बाद प्राप्त द्रव में अमीनो अम्ल सहित कार्बनिक यौगिक पाए गए।
निष्कर्ष: उपयुक्त परिस्थितियों में अकार्बनिक पदार्थों से कार्बनिक अणुओं का निर्माण संभव है। यह प्रयोग अपने आप में प्रथम जीव के निर्माण को सिद्ध नहीं करता।
प्रश्न 19. हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत का समीकरण लिखिए तथा समझाइए।
उत्तर: हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, आदर्श परिस्थितियों में किसी आबादी में एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं।
इसका समीकरण है:
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जहाँ:
= एक एलील की आवृत्ति
= दूसरे एलील की आवृत्ति
= समयुग्मजी प्रथम जीनोटाइप की आवृत्ति
= विषमयुग्मजी जीनोटाइप की आवृत्ति
= समयुग्मजी दूसरे जीनोटाइप की आवृत्ति
उत्परिवर्तन, जीन प्रवाह, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन और गैर-यादृच्छिक संगम जैसी प्रक्रियाएँ आनुवंशिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रश्न 20. औद्योगिक मेलानिज्म को प्राकृतिक चयन का उदाहरण क्यों माना जाता है?
उत्तर: इंग्लैंड में औद्योगिक प्रदूषण से पहले हल्के रंग के पेप्पर्ड मॉथ को पेड़ों की हल्की सतह पर छिपने का लाभ मिलता था। प्रदूषण के कारण पेड़ों की सतह गहरी होने पर गहरे रंग के मॉथ को कुछ क्षेत्रों में बेहतर छिपाव मिला। पक्षियों द्वारा शिकार की परिस्थितियों में गहरे रंग के मॉथ की उत्तरजीविता बढ़ी। इस प्रकार पर्यावरण के अनुसार प्राकृतिक चयन ने रंग-रूप की आवृत्तियों को प्रभावित किया।
प्रश्न 21. समजात और समवृत्ति अंगों में अंतर उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर:
| समजात अंग | समवृत्ति अंग |
|---|---|
| मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति समान। | मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति अलग। |
| कार्य अलग हो सकते हैं। | कार्य समान हो सकते हैं। |
| उदाहरण: मनुष्य का हाथ और व्हेल का अग्रपाद। | उदाहरण: पक्षी और तितली के पंख। |
| अपसारी विकास का प्रमाण। | अभिसारी विकास का प्रमाण। |
प्रश्न 22. मानव विकास के प्रमुख चरणों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर: मानव विकास एक लंबी और शाखित प्रक्रिया है। इसके अध्ययन में प्रमुख मानव-वंशीय समूहों के जीवाश्मों का महत्त्व है।
- ऑस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus): अफ्रीका में पाए गए प्राचीन मानव-वंशीय समूह।
- होमो हैबिलिस (Homo habilis): प्रारंभिक Homo समूह, जिसे पारंपरिक रूप से सरल औजारों के उपयोग से जोड़ा जाता है।
- होमो इरेक्टस (Homo erectus): सीधा चलने वाला मानव-वंशीय समूह, जो अफ्रीका से बाहर भी फैला।
- निएंडरथल (Neanderthals): मानव की निकट संबंधी विलुप्त शाखा।
- होमो सेपियन्स (Homo sapiens): आधुनिक मानव प्रजाति।
ध्यान दें कि मानव विकास सीधी सीढ़ी नहीं, बल्कि अनेक शाखाओं वाला विकासक्रम है।
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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
प्रश्न 23. जैव विकास के प्रमुख प्रमाणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: जैव विकास के समर्थन में विभिन्न प्रकार के प्रमाण उपलब्ध हैं।
- जीवाश्म प्रमाण (Palaeontological evidence): जीवाश्म प्राचीन जीवों की संरचना और समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को दर्शाते हैं।
- समजात अंग (Homologous organs): अलग-अलग कार्य करने वाले अंगों की मूल संरचना में समानता सामान्य पूर्वज का संकेत देती है।
- समवृत्ति अंग (Analogous organs): अलग उत्पत्ति वाले अंगों का समान कार्य समान पर्यावरणीय दबावों के कारण विकसित हो सकता है।
- भ्रूणीय प्रमाण (Embryological evidence): संबंधित समूहों के भ्रूणीय विकास में पाई जाने वाली कुछ समानताएँ उनके विकासात्मक संबंधों की जानकारी देती हैं।
- आणविक प्रमाण (Molecular evidence): DNA और प्रोटीन के अनुक्रमों में समानता जीवों के विकासात्मक संबंधों का आकलन करने में मदद करती है।
इन प्रमाणों का संयुक्त अध्ययन जैव विकास और सामान्य पूर्वजों की अवधारणा का समर्थन करता है।
प्रश्न 24. हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन में आबादी की एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। कुछ विकासात्मक कारक इस संतुलन को बदल सकते हैं।
- उत्परिवर्तन (Mutation): नए एलील उत्पन्न कर सकता है।
- जीन प्रवाह (Gene flow): व्यक्तियों या उनके युग्मकों के आवागमन से एलील एक आबादी से दूसरी आबादी में जा सकते हैं।
- प्राकृतिक चयन (Natural selection): कुछ वंशानुगत लक्षणों के कारण प्रजनन सफलता में अंतर पैदा करता है।
- आनुवंशिक विचलन (Genetic drift): संयोग से एलील आवृत्तियों में बदलाव लाता है, विशेषकर छोटी आबादियों में।
- पुनर्संयोजन और संगम की प्रकृति: पुनर्संयोजन नए एलील संयोजन बनाता है। गैर-यादृच्छिक संगम जीनोटाइप आवृत्तियों को बदल सकता है।
इन प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप आबादी की आनुवंशिक संरचना समय के साथ बदल सकती है।
प्रश्न 25. प्राकृतिक चयन और अनुकूलन (Adaptation) को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: प्राकृतिक चयन वह प्रक्रिया है जिसमें वंशानुगत विविधताओं के कारण कुछ जीवों को जीवित रहने और प्रजनन करने में दूसरों की तुलना में लाभ मिलता है। समय के साथ लाभकारी लक्षण आबादी में अधिक सामान्य हो सकते हैं।
उदाहरण:
- एंटीबायोटिक प्रतिरोध: प्रतिरोधी जीवाणु एंटीबायोटिक के संपर्क में जीवित रहकर बढ़ सकते हैं।
- डार्विन फिंच: अलग-अलग भोजन स्रोतों के अनुकूल चोंच के आकार में विविधता पाई जाती है।
- पेप्पर्ड मॉथ: वातावरण में परिवर्तन से अलग-अलग रंगों के मॉथ की उत्तरजीविता प्रभावित हुई।
अनुकूलन कई पीढ़ियों में आबादी के स्तर पर विकसित होता है। किसी जीव को आवश्यकता के कारण जानबूझकर नया आनुवंशिक लक्षण नहीं मिलता।
Evolution Class 12 Biology MCQ Quiz | Bihar Board 2027
Q1. प्राकृतिक चयन का सिद्धांत किसने दिया?
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सही उत्तर: B. चार्ल्स डार्विन
डार्विन ने प्राकृतिक चयन द्वारा जैव विकास का सिद्धांत प्रस्तुत किया।
Q2. उत्परिवर्तन सिद्धांत किसने दिया?
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सही उत्तर: A. ह्यूगो डी व्रीज
ह्यूगो डी व्रीज ने उत्परिवर्तन सिद्धांत प्रस्तुत किया।
Q3. मिलर-यूरे प्रयोग में क्या प्राप्त हुआ था?
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सही उत्तर: B. कार्बनिक अणु, जैसे अमीनो अम्ल
प्रयोग ने दिखाया कि प्रारंभिक पृथ्वी जैसी परिस्थितियों में कुछ कार्बनिक अणु बन सकते हैं।
Q4. समजात अंग किसका प्रमाण हैं?
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सही उत्तर: A. अपसारी विकास
समजात अंगों की मूल संरचना समान होती है, लेकिन उनके कार्य अलग हो सकते हैं।
Q5. पृथ्वी की आयु लगभग कितनी है?
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सही उत्तर: A. 4.54 अरब वर्ष
पृथ्वी की आयु लगभग 4.54 अरब वर्ष मानी जाती है।
Q6. आर्कियोप्टेरिक्स में किन समूहों के लक्षण पाए गए?
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सही उत्तर: B. सरीसृप और पक्षी
आर्कियोप्टेरिक्स में सरीसृप-सदृश और पक्षी-सदृश दोनों लक्षण थे।
Q7. आनुवंशिक विचलन का प्रभाव किसमें अधिक हो सकता है?
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सही उत्तर: A. छोटी आबादी
छोटी आबादी में संयोग से एलील आवृत्तियों में बड़ा परिवर्तन हो सकता है।
Q8. अनुकूली विकिरण का उदाहरण कौन-सा है?
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सही उत्तर: A. डार्विन फिंच
विभिन्न भोजन स्रोतों के अनुकूल फिंच की चोंच में विविधता अनुकूली विकिरण का उदाहरण है।
Q9. हार्डी-वाइनबर्ग समीकरण में p + q का मान क्या होता है?
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सही उत्तर: B. 1
दो एलील की आवृत्तियों के लिए p + q = 1 होता है।
Q10. आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है?
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सही उत्तर: C. Homo sapiens
Homo sapiens आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम है।
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Evolution Class 12 Biology: 25 नए MCQs उत्तर और व्याख्या सहित | Bihar Board 2027
प्रत्येक प्रश्न के बाद सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या दी गई है, जिससे आप अपनी तैयारी की जाँच कर सकते हैं।
भाग 1: जैव विकास के सिद्धांत और वैज्ञानिक (प्रश्न 1–5)
प्रश्न 1. अर्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धांत किस वैज्ञानिक ने दिया था?
A. चार्ल्स डार्विन
B. जे. बी. लैमार्क
C. ह्यूगो डी व्रीज
D. ग्रेगर मेंडल
सही उत्तर: B. जे. बी. लैमार्क
व्याख्या: लैमार्क के अनुसार, अंगों के उपयोग और अनुपयोग से अर्जित लक्षण अगली पीढ़ी में जा सकते हैं। यह ऐतिहासिक सिद्धांत आधुनिक आनुवंशिकी द्वारा सामान्यतः समर्थित नहीं है।
प्रश्न 2. उत्परिवर्तन सिद्धांत (Mutation Theory) किसने प्रस्तुत किया था?
A. ह्यूगो डी व्रीज
B. डार्विन
C. लैमार्क
D. ओपेरिन
सही उत्तर: A. ह्यूगो डी व्रीज
व्याख्या: ह्यूगो डी व्रीज ने ईवनिंग प्रिमरोज पौधे (Oenothera lamarckiana) पर अपने अध्ययन के आधार पर उत्परिवर्तन सिद्धांत प्रस्तुत किया। उन्होंने विकास में अचानक होने वाले परिवर्तनों को महत्त्व दिया।
प्रश्न 3. प्राकृतिक चयन के सिद्धांत से किस अन्य वैज्ञानिक का नाम विशेष रूप से जुड़ा है?
A. रॉबर्ट हुक
B. अल्फ्रेड रसेल वॉलेस
C. लुई पाश्चर
D. रॉबर्ट कोच
सही उत्तर: B. अल्फ्रेड रसेल वॉलेस
व्याख्या: अल्फ्रेड रसेल वॉलेस ने भी प्राकृतिक चयन का विचार स्वतंत्र रूप से विकसित किया था। डार्विन और वॉलेस के विचारों ने जैव विकास की वैज्ञानिक समझ को आगे बढ़ाया।
प्रश्न 4. जैव उत्पत्ति (Biogenesis) के सिद्धांत के अनुसार क्या सही है?
A. जीव केवल मिट्टी से बनते हैं।
B. जीव स्वतः निर्जीव पदार्थों से बनते हैं।
C. जीवन की उत्पत्ति पहले से विद्यमान जीवन से होती है।
D. सभी जीव केवल समुद्र में बनते हैं।
सही उत्तर: C. जीवन की उत्पत्ति पहले से विद्यमान जीवन से होती है।
व्याख्या: जैव उत्पत्ति का सिद्धांत सामान्य जैविक परिस्थितियों में जीवन से जीवन उत्पन्न होने की बात करता है। यह पृथ्वी पर प्रथम जीवन की ऐतिहासिक उत्पत्ति के प्रश्न का अपने आप में पूर्ण उत्तर नहीं है।
प्रश्न 5. पृथ्वी की अनुमानित आयु लगभग कितनी है?
A. 4.5 अरब वर्ष
B. 45 करोड़ वर्ष
C. 13.8 करोड़ वर्ष
D. 100 अरब वर्ष
सही उत्तर: A. 4.5 अरब वर्ष
व्याख्या: पृथ्वी का निर्माण लगभग 4.5 अरब वर्ष पहले हुआ था। ब्रह्मांड की आयु लगभग 13.8 अरब वर्ष मानी जाती है।
भाग 2: विकास के प्रमाण और विकास के प्रकार (प्रश्न 6–10)
प्रश्न 6. आर्कियोप्टेरिक्स (Archaeopteryx) को महत्त्वपूर्ण जीवाश्म क्यों माना जाता है?
A. इसमें मछली और मेंढक के लक्षण थे।
B. इसमें सरीसृप और पक्षियों के लक्षण थे।
C. इसमें केवल स्तनधारियों के लक्षण थे।
D. यह आधुनिक मानव का जीवाश्म था।
सही उत्तर: B. इसमें सरीसृप और पक्षियों के लक्षण थे।
व्याख्या: आर्कियोप्टेरिक्स में दाँत और लंबी अस्थियुक्त पूँछ जैसे सरीसृप-सदृश लक्षण तथा पंख जैसे पक्षी-सदृश लक्षण पाए जाते थे। यह पक्षियों के विकासात्मक इतिहास को समझने में महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण अपसारी विकास (Divergent Evolution) दर्शाता है?
A. पक्षी और तितली के पंख
B. मनुष्य का हाथ और व्हेल का अग्रपाद
C. मछली और डॉल्फिन का धारारेखीय शरीर
D. अलग-अलग जीवों में समान रंग
सही उत्तर: B. मनुष्य का हाथ और व्हेल का अग्रपाद
व्याख्या: इन अंगों की मूल संरचना समान है, लेकिन इनके कार्य अलग हैं। समान पूर्वज की संरचना का अलग-अलग दिशाओं में विकसित होना अपसारी विकास कहलाता है।
प्रश्न 8. अभिसारी विकास (Convergent Evolution) का उदाहरण कौन-सा है?
A. मनुष्य का हाथ और घोड़े का अग्रपाद
B. व्हेल का अग्रपाद और चमगादड़ का अग्रपाद
C. पक्षी और तितली के पंख
D. मनुष्य और अन्य प्राइमेट के समजात अंग
सही उत्तर: C. पक्षी और तितली के पंख
व्याख्या: पक्षी और तितली के पंख उड़ने का समान कार्य करते हैं, लेकिन उनकी मूल संरचना और विकासात्मक उत्पत्ति अलग हैं। समान पर्यावरणीय आवश्यकताओं से समान कार्य वाले अंगों का विकसित होना अभिसारी विकास है।
प्रश्न 9. जीवाश्म सामान्यतः किस प्रकार की चट्टानों में अधिक पाए जाते हैं?
A. आग्नेय चट्टानें
B. अवसादी चट्टानें
C. कायांतरित चट्टानें
D. केवल ज्वालामुखीय चट्टानें
सही उत्तर: B. अवसादी चट्टानें
व्याख्या: अवसादी चट्टानों में तलछट के साथ जीवों के अवशेष या छाप संरक्षित हो सकते हैं। आग्नेय चट्टानों की अत्यधिक गर्मी जीव-अवशेषों को नष्ट कर सकती है।
प्रश्न 10. ऑस्ट्रेलियाई मार्सुपियल्स का विविध रूपों में विकास किसका उदाहरण है?
A. अनुकूली विकिरण
B. कृत्रिम चयन
C. जैव उत्पत्ति
D. केवल आनुवंशिक पुनर्संयोजन
सही उत्तर: A. अनुकूली विकिरण
व्याख्या: ऑस्ट्रेलिया में मार्सुपियल स्तनधारियों के विभिन्न समूह अलग-अलग पारिस्थितिक स्थानों के अनुकूल विकसित हुए। एक सामान्य पूर्वज से अनेक अनुकूलित रूपों का विकास अनुकूली विकिरण कहलाता है।
भाग 3: प्राकृतिक चयन और आनुवंशिक विविधता (प्रश्न 11–15)
प्रश्न 11. एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीवाणुओं के बढ़ने का सबसे सही कारण क्या है?
A. एंटीबायोटिक सभी जीवाणुओं को प्रतिरोधी बना देता है।
B. प्रतिरोधी जीवाणु जीवित रहकर प्रजनन कर सकते हैं।
C. जीवाणु अपनी इच्छा से प्रतिरोध विकसित करते हैं।
D. एंटीबायोटिक जीवाणुओं का DNA हमेशा नष्ट कर देता है।
सही उत्तर: B. प्रतिरोधी जीवाणु जीवित रहकर प्रजनन कर सकते हैं।
व्याख्या: आबादी में पहले से मौजूद या नए उत्परिवर्तन से उत्पन्न प्रतिरोधी विविधताएँ चयन के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकती हैं। प्रतिरोधी जीवाणु बढ़ते हैं, इसलिए आबादी में प्रतिरोध की आवृत्ति बढ़ सकती है।
प्रश्न 12. प्राकृतिक चयन के लिए कौन-सी विशेषता आवश्यक है?
A. सभी जीवों का आनुवंशिक रूप से समान होना
B. वंशानुगत विविधताओं का होना
C. सभी जीवों का समान संख्या में संतान पैदा करना
D. उत्परिवर्तन का कभी न होना
सही उत्तर: B. वंशानुगत विविधताओं का होना
व्याख्या: प्राकृतिक चयन में वंशानुगत लक्षणों के कारण जीवों की उत्तरजीविता और प्रजनन सफलता में अंतर होता है। समय के साथ चयनित लक्षण आबादी में अधिक सामान्य हो सकते हैं।
प्रश्न 13. छोटी आबादी में संयोग से एलील आवृत्ति बदलने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A. जीन प्रवाह
B. आनुवंशिक विचलन
C. कृत्रिम चयन
D. निषेचन
सही उत्तर: B. आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift)
व्याख्या: आनुवंशिक विचलन संयोग से होने वाला परिवर्तन है। छोटी आबादी में इसका प्रभाव अधिक हो सकता है और कुछ एलील बिना किसी चयनात्मक लाभ के भी समाप्त हो सकते हैं।
प्रश्न 14. किसी नई आबादी की स्थापना कुछ ही व्यक्तियों द्वारा होने पर एलील आवृत्ति में बदलाव किस प्रभाव से संबंधित हो सकता है?
A. संस्थापक प्रभाव (Founder Effect)
B. औद्योगिक मेलानिज्म
C. जैव उत्पत्ति
D. समवृत्ति
सही उत्तर: A. संस्थापक प्रभाव (Founder Effect)
व्याख्या: जब कुछ व्यक्ति मूल आबादी से अलग होकर नई आबादी स्थापित करते हैं, तो उनके एलील मूल आबादी की तुलना में अलग अनुपात में हो सकते हैं। यह आनुवंशिक विचलन का एक विशेष रूप है।
प्रश्न 15. निम्नलिखित में से कौन आनुवंशिक विविधता का प्रमुख मूल स्रोत है?
A. उत्परिवर्तन
B. प्राकृतिक चयन
C. जीवाश्म निर्माण
D. श्वसन
सही उत्तर: A. उत्परिवर्तन (Mutation)
व्याख्या: DNA में उत्परिवर्तन नए एलील उत्पन्न कर सकता है। प्राकृतिक चयन और आनुवंशिक विचलन जैसी प्रक्रियाएँ मौजूदा आनुवंशिक विविधता की आवृत्ति को बदल सकती हैं।
भाग 4: हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत (प्रश्न 16–20)
प्रश्न 16. हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत के अनुसार दो एलील की कुल आवृत्ति कितनी होती है?
A.
B.
C.
D. ![]()
सही उत्तर: B. ![]()
व्याख्या: यदि किसी जीन के दो एलील की आवृत्तियाँ
और
हैं, तो उनकी कुल आवृत्ति 1 अर्थात 100% होगी।
प्रश्न 17. यदि अप्रभावी एलील की आवृत्ति
है, तो
का मान क्या होगा?
A. 0.2
B. 0.4
C. 0.8
D. 1.2
सही उत्तर: C. 0.8
व्याख्या:
![]()
![]()
अतः प्रभावी एलील की आवृत्ति 0.8 या 80% है।
प्रश्न 18. यदि
और
, तो विषमयुग्मजी जीनोटाइप
की अपेक्षित आवृत्ति कितनी होगी?
A. 0.09
B. 0.21
C. 0.42
D. 0.49
सही उत्तर: C. 0.42
व्याख्या: विषमयुग्मजी जीनोटाइप की आवृत्ति
से निकाली जाती है।
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अतः अपेक्षित आवृत्ति 42% है।
प्रश्न 19. हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन को कौन-सी प्रक्रिया प्रभावित कर सकती है?
A. जीन प्रवाह
B. आनुवंशिक विचलन
C. प्राकृतिक चयन
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: D. उपर्युक्त सभी
व्याख्या: जीन प्रवाह, आनुवंशिक विचलन और प्राकृतिक चयन आबादी की एलील आवृत्तियों को बदल सकते हैं। उत्परिवर्तन भी आनुवंशिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
प्रश्न 20. हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन में
किसे दर्शाता है?
A. विषमयुग्मजी जीनोटाइप
B. समयुग्मजी अप्रभावी जीनोटाइप
C. समयुग्मजी प्रभावी जीनोटाइप
D. कुल एलील संख्या
सही उत्तर: B. समयुग्मजी अप्रभावी जीनोटाइप ![]()
व्याख्या: हार्डी-वाइनबर्ग समीकरण में
,
और
क्रमशः
,
और
जीनोटाइप की अपेक्षित आवृत्तियाँ दर्शाते हैं।
भाग 5: मानव विकास और महत्त्वपूर्ण अवधारणाएँ (प्रश्न 21–25)
प्रश्न 21. ‘हैंडी मैन’ (Handy Man) किस मानव-वंशीय प्रजाति को कहा जाता है?
A. Homo habilis
B. Homo erectus
C. Homo sapiens
D. Australopithecus
सही उत्तर: A. Homo habilis
व्याख्या: Homo habilis का नाम प्रारंभिक पत्थर के औजारों के उपयोग से जोड़ा जाता है। इसे पारंपरिक रूप से ‘हैंडी मैन’ कहा जाता है।
प्रश्न 22. आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम क्या है?
A. Homo erectus
B. Homo habilis
C. Homo sapiens
D. Australopithecus africanus
सही उत्तर: C. Homo sapiens
व्याख्या: आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम Homo sapiens है। मानव विकास अनेक संबंधित और विलुप्त शाखाओं वाला इतिहास है।
प्रश्न 23. प्राकृतिक चयन के कारण आबादी में किसी लाभकारी वंशानुगत लक्षण की आवृत्ति बढ़ने की संभावना क्यों होती है?
A. क्योंकि सभी जीव समान होते हैं
B. क्योंकि उस लक्षण वाले जीव अधिक सफलतापूर्वक प्रजनन कर सकते हैं
C. क्योंकि प्रत्येक जीव अपनी जरूरत के अनुसार जीन बदलता है
D. क्योंकि प्राकृतिक चयन हमेशा सभी लक्षणों को समाप्त करता है
सही उत्तर: B. क्योंकि उस लक्षण वाले जीव अधिक सफलतापूर्वक प्रजनन कर सकते हैं
व्याख्या: यदि कोई वंशानुगत लक्षण किसी विशेष वातावरण में प्रजनन सफलता बढ़ाता है, तो वह अगली पीढ़ियों में अधिक सामान्य हो सकता है। यह प्राकृतिक चयन की मूल प्रक्रिया है।
प्रश्न 24. घोड़े के विकास के अध्ययन में जीवाश्म किस प्रकार सहायक हैं?
A. वे केवल वर्तमान घोड़े की आयु बताते हैं।
B. वे समय के साथ शरीर और अंगों की संरचना में हुए बदलावों के प्रमाण देते हैं।
C. वे सिद्ध करते हैं कि सभी घोड़े एक ही समय पर उत्पन्न हुए।
D. वे आनुवंशिक विविधता को पूरी तरह समाप्त कर देते हैं।
सही उत्तर: B. वे समय के साथ शरीर और अंगों की संरचना में हुए बदलावों के प्रमाण देते हैं।
व्याख्या: अलग-अलग भूवैज्ञानिक कालों के घोड़े-संबंधी जीवाश्म शरीर के आकार, दाँतों और पैरों में हुए विकासात्मक परिवर्तनों का अध्ययन करने में मदद करते हैं।
प्रश्न 25. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जैव विकास के बारे में सही है?
A. विकास हमेशा एक ही दिशा में चलता है।
B. प्रत्येक जीव अपनी इच्छा से उपयोगी उत्परिवर्तन उत्पन्न करता है।
C. आबादी की आनुवंशिक संरचना पीढ़ियों में बदल सकती है।
D. प्राकृतिक चयन में वंशानुगत विविधता की कोई भूमिका नहीं होती।
सही उत्तर: C. आबादी की आनुवंशिक संरचना पीढ़ियों में बदल सकती है।
व्याख्या: जैव विकास को आबादी में पीढ़ियों के दौरान आनुवंशिक विशेषताओं और एलील आवृत्तियों में होने वाले परिवर्तनों के रूप में समझा जा सकता है। प्राकृतिक चयन, उत्परिवर्तन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन इसमें भूमिका निभाते हैं।
